Saturday, 16 February 2013

ये क्या तमाशा है 

भारत में एक समाज ऐसा भी है जो डॉ. भीमराव अंबेडकर  को जरुरत से ज्यादा तरजीह देता हैं. मेरा सवाल उस समाज से और देश की जनता से है. भारतीय सिव्धान  को तेयार करने में  डॉ. भीमराव अंबेडकर के अलावा के. एम. मुंशी, किर्श्नामाचारी, गोपाल स्वामी अय्यर, अल्ला्दी किर्श्ना अय्यर, मोहम्मद सादुल्ला खान, माधवराव और डी. पी. खेतान भी शािमल  थे. मगर, अफ़सोस की बात नही तो और क्या है. सिव्धान  का िनर्माण टीम वर्क था, लेिकन दुिनया को िसर्फ  टीम वर्क के मुिखया के बारे में बताया गया. और किसी का नाम भी नही लिया जाता है. डॉ. भीमराव  अंबेडकर ने सिव्धान का निर्माण करा कर देश पर कोई एहसान नही किया है. इस काम के बदले उनकी टीम ने ६३ लाख ९७ हजार ७२९ रूपये खर्च कर  ि दए हैं. उनकी टीम ने २ साल ११ महीने और १८ ि दन इसी पैसे से िबरटएन, अमेरिका, अयार्लेंड, कनाडा, आसटेरेिलया, दिछन अफ्रीका, जर्मन और रूस की सेर भी की थी. यही नही खाना पीना और भी एशो आराम के िलए थे. िफर क्यों बाबा.........बाबा ...........बाबा का तमाशा बना रखा है 
                                                                                                    उस्मान सैफ़ी 

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